Bihar News: समस्तीपुर में राजस्व कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उनकी अनिश्चितकालीन सामूहिक हड़ताल के 30वें दिन आयोजित किया गया। यह आंदोलन Bihar Rajya Bhumi Sudhar Karmachari Sangh के बैनर तले किया गया, जो राज्यव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 11 फरवरी से लगातार हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
मीडिया प्रभारी ने बताया कि राज्यभर के करीब 3500 राजस्व कर्मचारी इस सामूहिक हड़ताल में शामिल हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में ग्रेड पे 2800 लागू करना, गृह जिले में पदस्थापन और पदनाम में परिवर्तन शामिल है।
इस मौके पर Lakshmi Kant Jha ने कहा कि जब तक सरकार इन मांगों पर विधिवत आदेश जारी नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में आज बिहार के सभी जिलों में राजस्व कर्मचारियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बिहार के Revenue and Land Reforms Department Bihar द्वारा उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। उनका कहना है कि राजस्व कर्मचारियों से 68 प्रकार के अलग-अलग विभागीय कार्य कराए जाते हैं, जिससे काम का दबाव काफी बढ़ जाता है।
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उनकी कई मांगों पर पहले अपर मुख्य सचिव और मुख्य सचिव के साथ समझौता हुआ था, लेकिन अब तक उसे लागू नहीं किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ऑनलाइन आवेदनों के निष्पादन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए लैपटॉप, इंटरनेट डोंगल, प्रिंटर, पेपर, कुर्सी, टेबल, पंखा, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इसके अलावा कर्मचारियों ने क्षेत्र भ्रमण और जांच कार्य के लिए मोटरसाइकिल और ईंधन उपलब्ध कराने की भी मांग की। उनका कहना है कि कई कर्मचारियों को चार-पांच हल्का का अतिरिक्त प्रभार दे दिया जाता है, जिससे रैयतों के काम समय पर नहीं हो पाते और आम लोगों को परेशानी होती है।
कर्मचारियों की मांग है कि एक राजस्व कर्मचारी को केवल एक हल्का का प्रभार दिया जाए, ताकि वह रैयतों के कामों का समय पर और सही तरीके से निष्पादन कर सके। साथ ही यह भी मांग की गई कि राजस्व कर्मचारियों को राजस्व कार्यों के अलावा अन्य विभागीय कामों में नहीं लगाया जाए।
राजस्व कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा और आगे इसे और तेज किया जाएगा।


