
Bhagalpur News: भागलपुर में स्थानीय होटल में आयोजित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की बैंकर्स रिव्यू मीटिंग ने स्वरोजगार और युवा उद्यमिता को नई दिशा देने का संदेश दिया। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के आयोजन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता श्रीमती खुशबू कुमारी, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (DIC), भागलपुर ने की। बैठक में बैंकिंग क्षेत्र और विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ जिले के सभी बैंक प्रतिनिधि और DIC अधिकारी मौजूद थे।
बैठक की मुख्य चर्चा PMEGP के तहत वर्ष 2025 में की गई प्रगति, ऋण वितरण, और इकाइयों के भौतिक सत्यापन की स्थिति पर केंद्रित रही। बैंकों द्वारा वापस भेजे गए मामलों (Referred Back) की समीक्षा की गई, ताकि उन्हें सुधारकर पुनः प्रक्रिया में लाया जा सके। इस दौरान प्रतिभागियों ने EDP ट्रेनिंग, दूसरी खुराक के ऋण वितरण और सफल इकाइयों के केस स्टडी पर भी विस्तार से चर्चा की। सफल उदाहरण साझा करने का उद्देश्य अन्य आवेदकों को प्रेरित करना और कार्यक्रम की क्रियान्वयन दर बढ़ाना था।
बैठक के अंतिम चरण में आयोजित ‘ओपन हाउस डिस्कशन’ में बैंकों और विभाग के बीच समन्वय सुधारने पर जोर दिया गया। इस दौरान महाप्रबंधक श्रीमती खुशबू कुमारी ने बैंकों से विशेष अपील की कि वे आवेदनों का समय पर निपटारा करें और युवाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करें। उन्होंने कहा कि PMEGP न केवल स्वरोजगार बढ़ाने में बल्कि जिले के आर्थिक विकास और युवाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बैठक में PMEGP इकाइयों की सफलता और बैंकिंग प्रणाली में सुधार के उपायों पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि समयबद्ध कार्रवाई और भौतिक सत्यापन की नियमित निगरानी से योजना का अधिक प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। बैंक प्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर अपनी तैयारियों और समस्याओं पर खुलकर चर्चा की
भागलपुर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बैंकों और प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। जिले के युवाओं के लिए यह योजना नई अवसरों और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।




