
सुल्तानगंज (भागलपुर)। माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित अजगैविनाथ धाम पूरी तरह शिवमय हो गया। हर हर महादेव और जय मईया पार्वती के गगनभेदी जयकारों से अजगैविनाथ नगरी गूंज उठी। बिहार और झारखंड से आए हजारों श्रद्धालुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और दान–पुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघी पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु का वास गंगा जल में होता है। इस दिन गंगा स्नान और दान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी विश्वास के साथ अहले सुबह से ही उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस अवसर पर मिथिलांचल से आए हजारों कांवरिए भी अजगैविनाथ धाम पहुंचे। कांवरियों ने गंगा स्नान कर पवित्र गंगाजल लिया और हर हर महादेव के जयकारों के साथ पैदल एवं वाहनों से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुए। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। प्रशासन के निर्देश पर गंगा घाटों पर बेरिकेडिंग की गई, एसडीआरएफ और गोताखोरों की तैनाती की गई। वहीं थानाध्यक्ष मृत्युंजय के नेतृत्व में गंगा घाट से लेकर पूरे शहर तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इस मौके पर अजगैविनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने माघी पूर्णिमा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने बताया कि आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के मद्देनज़र अजगैविनाथ मंदिर में रंग-रोगन और भव्य सजावट की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।
माघी पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अजगैविनाथ धाम में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने एक बार फिर सुल्तानगंज को आस्था की राजधानी बना दिया।






