
Bhagalpur News: 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और किसान संगठनों के समर्थन से बुलाए गए भारत बंद का असर शुक्रवार को भागलपुर में भी साफ तौर पर देखने को मिला। शहर के कई इलाकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि अनेक बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
बैंक कर्मचारियों ने शाखाओं के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कोड से कर्मचारियों के अधिकार कमजोर हुए हैं और नौकरी की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
इस भारत बंद में इंटक (INTUC), एआईटीयूसी (AITUC), एचएमएस (HMS), सीआईटीयू (CITU), एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवाकर्मियों की यूनियन, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी सहित 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनें शामिल हैं। यूनियनों का आरोप है कि पिछले वर्ष लागू किए गए चार नए श्रम कोड ने 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह ले ली है, जिससे कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचा है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि इन कानूनों के तहत नियोक्ताओं को कर्मचारियों की नियुक्ति और छंटनी में अधिक स्वतंत्रता मिल गई है, जिससे श्रमिकों की नौकरी असुरक्षित हो गई है।
इधर, बैंक बंद रहने से आम लोगों को लेन-देन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उपभोक्ताओं को जरूरी बैंकिंग कार्य टालने पड़े।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार से श्रम कोड वापस लेने, श्रमिक हितों की रक्षा करने और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




