
पटना/भागलपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय मेधा दिवस 2025 समारोह में इस वर्ष भागलपुर जिला सुर्खियों में रहा। मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 के सफल, निष्पक्ष और सुचारु संचालन में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए भागलपुर जिले के जिला पदाधिकारी (डीएम) डॉ नवल किशोर चौधरी को शिक्षा विभाग की ओर से विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में माननीय शिक्षा मंत्री, बिहार और अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग ने मंच पर डीएम को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस वर्ष मैट्रिक और इंटर परीक्षा के दौरान भागलपुर में अनुशासन, निगरानी, परीक्षा-केंद्र प्रबंधन, क्विक-एक्शन कंट्रोल रूम और संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी मॉनिटरिंग की व्यवस्था को BSEB ने ‘राज्य के सर्वश्रेष्ठ मॉडल’ में शामिल किया। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा संचालन की पारदर्शिता, समयबद्धता और निर्बाध व्यवस्था के लिए भागलपुर प्रशासन का योगदान उल्लेखनीय रहा।
मेधा दिवस कार्यक्रम में राज्यभर के 151 मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया—जिसमें मैट्रिक के टॉप-10 (123 विद्यार्थी) और इंटर के तीनों संकायों के टॉप-5 (28 विद्यार्थी) शामिल थे। सभी टॉपर्स को नकद पुरस्कार, टैबलेट/लैपटॉप और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ विद्यार्थियों को प्रेरित नहीं करता, बल्कि उन ज़िलों को भी सम्मान देता है जिन्होंने परीक्षा संचालन को नए मानक दिए हैं।
कार्यक्रम में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखने में जिला प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसी कारण इस बार उन जिलों को विशेष रूप से चुना गया जिन्होंने परीक्षा संचालन में उत्कृष्टता का परिचय दिया।
भागलपुर के लिए यह सम्मान न सिर्फ प्रशासन की उपलब्धि है, बल्कि जिले की शिक्षा-व्यवस्था में बढ़ते सुधारों का मजबूत संकेत भी माना जा रहा है।
यह सम्मान जिले के शिक्षकों, पर्यवेक्षकों, पुलिस-प्रशासन और पूरे परीक्षा-तंत्र की टीम स्पिरिट का परिणाम बताया गया।




