
पटना/सिवान: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि डेयरी व्यवसाय बिहार में रोजगार सृजन और आमदनी बढ़ाने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्वेत क्रांति के जरिए राज्य के गांव–गांव में समृद्धि लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के क्रम में राजेन्द्र स्टेडियम, सीवान में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए यह बातें कहीं।
समीक्षात्मक बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी और रोजगार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसी उद्देश्य से उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ डेयरी सेक्टर को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सीवान जिले के सभी 1,528 गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जाएगा और जिले की सभी 293 पंचायतों में ‘सुधा’ दुग्ध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इससे न केवल किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। सात निश्चय-3 के अंतर्गत ‘कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि’ को प्रमुख उद्देश्य के रूप में रखा गया है। इसी कड़ी में वर्ष 2024 से 2029 तक के लिए चौथा कृषि रोड मैप तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए अलग से रोड मैप तैयार किया गया है। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की दिशा में भी कार्यों को और गति दी जा रही है।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत सभी योजनाओं का क्रियान्वयन तेज़ी से किया जाए। सात निश्चय-2 के तहत चल रही योजनाओं को बेहतर ढंग से पूरा करने और सात निश्चय-3 की नई योजनाओं पर समयबद्ध तरीके से काम शुरू करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारें तथा सरकार द्वारा किए जा रहे जनहित के कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाएं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए राज्य में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज और सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्टार्टअप नीति लागू की गई है, जिससे वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।
उन्होंने सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों के दैनिक जीवन की कठिनाइयों को कम करना और सुविधाओं को बेहतर बनाना है। सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है ताकि बिहार के नागरिकों का जीवन और अधिक सुगम हो सके।
बैठक के दौरान सीवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने प्रगति यात्रा, सात निश्चय-2 एवं सात निश्चय-3 से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विभिन्न विभागों के मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।




