
पटना/पश्चिम चंपारण। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पश्चिम चंपारण जिले से समृद्धि यात्रा-2026 की औपचारिक शुरुआत की। इस क्रम में उन्होंने चनपटिया प्रखंड के कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर चल रही और प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कुमारबाग स्थित निर्माणाधीन वर्धन सीबीजी (CBG) प्लांट का निरीक्षण किया, जहां अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्लांट जल्द ही संचालन में आ जाएगा। मुख्यमंत्री ने कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए समयबद्ध पूर्णता के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), कुमारबाग का निरीक्षण किया और वहां विकसित हो रही विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को देखा। उन्होंने प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर, कुमारबाग का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया तथा कामकाजी महिला छात्रावास के भवन का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित आवास की व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण, गारमेंट्स, फ्लाई ऐश ब्रिक्स, बाथिंग लग्जरी जैसे उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया और बाजार संभावनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए अनुकूल नीतियां चला रही है, ताकि उद्योगों की स्थापना सरल हो और रोजगार के अवसर बढ़ें।
कुमारबाग में कार्यरत विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां का औद्योगिक ढांचा सुदृढ़ हो रहा है और स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। इससे क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास तेज हुआ है और कुमारबाग एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और लाभार्थियों से संवाद किया। जीविका दीदियों ने सरकार की पहलों के लिए आभार जताते हुए कहा कि इन योजनाओं से उनकी आय बढ़ी है और परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद डॉ. संजय कुमार जायसवाल, सांसद सुनील कुमार, विधायक समृद्ध वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण लगातार मजबूत किया जाए।




