
भागलपुर, 15 जनवरी: भागलपुर जिले में सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी और एफआर (किसान पंजीकरण) कार्य में तेजी लाने को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में संबंधित पदाधिकारियों के साथ अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक दो पाली में आयोजित की गई। प्रथम पाली में नवगछिया और कहलगांव अनुमंडल के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पंचायत प्रभारी शामिल हुए, जबकि द्वितीय पाली में भागलपुर सदर अनुमंडल के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रखंड-वार ई-केवाईसी और किसान पंजीकरण की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में ई-केवाईसी का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जो प्रशासन के लिए राहत की बात है। हालांकि, एफआर यानी किसान पंजीकरण का कार्य अपेक्षाकृत धीमा पाया गया, जिसे लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शेष किसान पंजीकरण कार्य को हर हाल में शीघ्र पूरा किया जाए।
डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी पंचायत प्रभारियों को निर्देश दिया कि 17, 18 और 19 जनवरी को वार्ड स्तर पर विशेष कैंप लगाकर किसान पंजीकरण के बचे हुए मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण से ही किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान और लाभ का सीधा फायदा मिल पाता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन की मंशा है कि कोई भी पात्र किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए फील्ड स्तर पर सक्रियता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।






