
Bhagalpur News: भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकटों में बढ़ती धांधली और दलालों की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। बहुत जल्द पूरे देश में काउंटर से मिलने वाले तत्काल टिकटों के लिए ओटीपी आधारित टिकटिंग सिस्टम अनिवार्य हो जाएगा। रेलवे का दावा है कि यह व्यवस्था टिकटिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बना देगी।
रेलवे ने जुलाई 2025 में ऑनलाइन तत्काल टिकटों पर ‘आधार आधारित ओटीपी सिस्टम’ लागू किया था, जिसे यात्रियों की व्यापक सराहना मिली। इसके बाद अक्टूबर 2025 में सभी सामान्य आरक्षणों के लिए भी ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया। इन दोनों चरणों में मिली सफलता के बाद रेलवे ने अब काउंटर बुकिंग को भी इसी सिस्टम से जोड़ने का निर्णय लिया है।
नवंबर 2025 में रेलवे ने काउंटर बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित तत्काल टिकट प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। अभी तक यह व्यवस्था 52 ट्रेनों में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। नए सिस्टम के तहत, यात्री के फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। इस ओटीपी के सफल वेरिफिकेशन के बाद ही तत्काल टिकट जारी किया जा सकेगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया फर्जी बुकिंग और टिकटों के “ब्लैकिंग” पर रोक लगाएगी, जिससे वास्तविक यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। रेलवे का मानना है कि ऑनलाइन की तरह काउंटर बुकिंग में भी पारदर्शिता आवश्यक है, ताकि तत्काल टिकटों का फायदा केवल जरूरतमंद यात्रियों को ही मिल सके।
रेलवे अब जल्द ही इस प्रणाली को देश की सभी ट्रेनों और हर आरक्षण काउंटर पर लागू करने जा रहा है। अनुमान है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद तत्काल टिकट बुकिंग की विश्वसनीयता और दक्षता दोनों में बड़ा सुधार होगा।
यह कदम भारतीय रेल को तकनीक-संचालित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।




