
पटना। बिहार के खेल इतिहास में मंगलवार का दिन यादगार बन गया। पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग के इंडोर स्टेडियम में बिहार के खेल जगत ने अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज़ और नव नियुक्त खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह का भव्य अभिनंदन किया। बिहार ओलंपिक एसोसिएशन, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, विभिन्न खेल संघों, प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों और खेल पदाधिकारियों द्वारा किया गया यह स्वागत न केवल सम्मान का पल था, बल्कि बिहार के खेल भविष्य की नई शुरुआत भी साबित हुआ।
सुबह पदभार ग्रहण करने के बाद शाम को श्रेयसी सिंह खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के बीच पहुंचीं। भावनात्मक और प्रभावी संबोधन में श्रेयसी ने अपने सफर को साझा करते हुए कहा—
“एक खिलाड़ी से खेल मंत्री बनने की खुशी जितनी है, उससे कहीं अधिक इस जिम्मेदारी का एहसास है। खिलाड़ियों के संघर्ष, जरूरतों और सपनों को मैं बहुत करीब से जानती हूं, और मैं इस पद पर रहकर उनके हर सपने को पूरा करने के लिए 100 प्रतिशत प्रयास करूंगी।”
उन्होंने कहा की बिहार को अंतर्राष्ट्रीय खेल शक्ति बनाना उनका लक्ष्य है। खेल प्रतिभा की खोज और उन्हें वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए उन्होंने बड़ा फैसला भी किया।
“नेशनल गेम्स की तरह बिहार में हर दो साल पर ‘बिहार स्टेट गेम्स’ आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष जनवरी-फरवरी से इसकी शुरुआत होगी, ताकि गांव-गांव की प्रतिभा विश्व मंच तक पहुँच सके।”
कार्यक्रम में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ रवीन्द्रण शंकरण ने कहा—
“बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने एक महिला खिलाड़ी को खेल मंत्री बनाया है। बिहार इतिहास लिखता नहीं, रचता है। श्रेयसी सिंह के आने से खेल जगत में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।”
कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक, अनेक अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित श्रेयसी सिंह देश की पहली ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने जनप्रतिनिधि रहते हुए भी ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। खेल मंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति ने इसे और भी ऐतिहासिक बना दिया है।
बिहार ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार ने मंत्री को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी ने स्वागत किया और उपनिदेशक हिमांशु सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।




