
भागलपुर, 16 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता मनीष दास ने भागलपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा के निर्णय से नाराज मनीष दास ने पार्टी से एन.आर. कटाने का निर्णय लेते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी के लिए तन-मन से काम किया, लेकिन हर बार उपेक्षा झेलनी पड़ी।
मनीष दास ने बताया कि उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से छात्र राजनीति की शुरुआत की थी और 2009 से लगातार भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में भी टिकट से वंचित रहना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्हें पूरा विश्वास था कि पीरपैंती विधानसभा, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित क्षेत्र है, से पार्टी उन्हें मौका देगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक बार फिर जातीय समीकरणों की अनदेखी करते हुए चौथी बार पासवान समाज को टिकट दिया, जबकि रविदास समाज के करीब 40,000 मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार रविदास समाज को नज़रअंदाज़ कर रही है, जबकि यही समाज पार्टी को मजबूती देता आया है।
मनीष दास ने स्पष्ट कहा कि अब वे अपने समाज की गरिमा और राजनीतिक नेतृत्व को स्थापित करने के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जाति या दल नहीं, बल्कि स्वाभिमान और सम्मान की राजनीति को प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा, “अब लड़ाई किसी पद या टिकट की नहीं, बल्कि अपने समाज की पहचान और अधिकार की है।”




