
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने हाल ही में सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही सरकार ने राज्य के प्रत्येक ज़िले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के अपने वादे को पूरा कर लिया है।
सात नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी
कैबिनेट द्वारा जिन सात मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है, वे किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा में स्थापित किए जाएंगे। इन कॉलेजों के चालू होने के बाद बिहार के हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल उपलब्ध होगा, जिससे चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ भी मिल सकेंगी।
वर्तमान स्थिति
इस समय बिहार में 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल कार्यरत हैं। इनमें पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच, आईजीआईएमएस, ईएसआईसी (बिहटा) और एम्स प्रमुख हैं। अन्य बड़े कॉलेजों में दरभंगा का डीएमसीएच, गया का एएनएमएमसीएच, भागलपुर का जेएलएनएमसीएच, मुज़फ्फरपुर का एसकेएमसीएच, बेतिया, मधेपुरा, पूर्णिया, नालंदा, समस्तीपुर और सारण के सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा संचालित एम्स पटना और ईएसआईसी बिहटा जैसे संस्थान भी कार्यरत हैं। कुल मिलाकर राज्य में फिलहाल 15 मेडिकल कॉलेज काम कर रहे हैं।
निर्माणाधीन कॉलेज और भविष्य की योजना
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में 20 मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इनमें जमुई, बक्सर, सीवान, आरा, वैशाली, बेगूसराय, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, मुंगेर और दरभंगा का दूसरा एम्स प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2024 में दरभंगा में एम्स की आधारशिला रखी थी।
जब ये 20 निर्माणाधीन कॉलेज और हाल ही में घोषित सात नए कॉलेज चालू हो जाएंगे, तो राज्य में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 42 हो जाएगी। यह संख्या 2005 में मात्र छह थी, जब नीतीश कुमार ने पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला था।
निजी मेडिकल कॉलेज और उन्नयन की योजनाएँ
राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ नौ निजी मेडिकल कॉलेज भी कार्यरत हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और मज़बूत हुई है। इसके अलावा सरकार ने पुराने छह मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।
सबसे बड़े प्रोजेक्ट के तहत पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) का पुनर्विकास किया जा रहा है। लगभग 5540 करोड़ रुपये की लागत से इसे 5462 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जा रहा है। इस वर्ष मई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएमसीएच के 1117 बिस्तरों वाले नवनिर्मित ट्विन टावर का उद्घाटन किया। पूरी योजना मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा की तस्वीर बदल देगा। ग्रामीण इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचेंगी और छात्रों को राज्य में ही डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा।
नीतीश कुमार ने कई बार कहा है कि उनकी सरकार का लक्ष्य हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का है। अब यह सपना साकार होने की ओर है, जिससे बिहार देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।




