Bhagalpur News: सिल्क सिटी की चरमराई यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन ने एक मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। शहर के पुराने पुलों पर बढ़ते दबाव और आए दिन लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए अब बीआरओ (Border Roads Organization) भागलपुर में ‘बेली ब्रिज’ का निर्माण करेगा। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पुष्टि करते हुए बताया कि निर्माण कार्य को लेकर सभी तकनीकी अड़चनें दूर कर ली गई हैं।
BRO मुख्यालय से मिली फाइनल मंजूरी
जिलाधिकारी के अनुसार, सीमा सड़क संगठन (BRO) की मुख्यालय स्तर की टीम ने प्रस्तावित स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि भौगोलिक और तकनीकी दृष्टिकोण से यहाँ बेली ब्रिज का निर्माण सबसे सटीक समाधान है। BRO की एक्सपर्ट टीम आज या कल तक भागलपुर पहुँच जाएगी, जिसके तुरंत बाद युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
पुल की खासियतें और क्षमता
प्रस्तावित बेली ब्रिज को खास तौर पर शहर के आंतरिक यातायात को सुगम बनाने के लिए डिजाइन किया गया है:
- चौड़ाई: इस पुल की कुल चौड़ाई 3.5 मीटर होगी।
- लक्षित वाहन: यह पुल मुख्य रूप से हल्के वाहनों (कार), ई-रिक्शा, बाइक और पैदल यात्रियों के लिए होगा।
- सुरक्षा: बीआरओ की सीधी निगरानी में बनने के कारण यह पुल पूरी तरह सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला होगा।
एक महीने के भीतर दौड़ने लगेंगे वाहन
प्रशासन इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी गंभीर है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा:
”हमारा प्रयास है कि निर्माण कार्य शुरू होने के एक महीने के भीतर या उससे पहले ही पुल को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। इससे मुख्य पुलों पर वाहनों का लोड कम होगा और लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।”
क्यों पड़ी बेली ब्रिज की जरूरत?
भागलपुर के पुराने पुल वर्तमान में अपनी क्षमता से अधिक बोझ झेल रहे हैं। जर्जर स्थिति और संकीर्ण रास्तों के कारण घंटों जाम लगा रहता है, जिससे एम्बुलेंस से लेकर स्कूली बसों तक को परेशानी होती है। बेली ब्रिज एक ‘क्विक रिस्पांस’ समाधान के रूप में देखा जा रहा है, जो कम समय में तैयार होकर शहर की लाइफलाइन को मजबूती देगा।


